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Sunday, October 6, 2013

बालों को संवारे अपने तरीके से


बालों को संवारने के लिए जरूरी नहीं है कि उन्हें ब्लो ड्रायर या हीट आयरन से ही गुजारा जाएं। आप चाहें तो यहां दिए गए उपाय अपनाकर बालों को कुदरती तरीके से संवार सकती हैं।
ऐसी बहुत सारी क्लासिक और फैशनेबल हेयरस्टाइल्स हैं, जिन्हें बिना ड्रायर की मदद से बनाया जा सकता है। बालों में लगातार ड्रायर के प्रयोग से उन्हें नुकसान पहुंचता है। यहां हेयर एक्सपर्ट एंड स्टाइलिस्ट मोहित विज बता रहे हैं कि बालों को संवारने के आसान तरीके।
चोटी बनाकर वेव्स लाएं
अगर आप लूज वेव्स चाहती हैं तो पतली-पतली चोटियां बनाकर नैचरल वेव्स बना सकती हैं।
-बालों की पतली चोटियां रात में बना लें। शैंपू किए हुए बालों को हलका गीला करें। ध्यान रहे इतना ही गीला करें कि पानी बालों से न टपके, लीव इन कंडिशनर लगाएं और हलका सा जेल लगाएं ताकि बाल होल्ड हो सकें।
-बालों को कोंब करके छोटे-छोटे सेक्शन बना लें। अब हर सेक्शन से पतली चोटियां गूंथ लें। चोटियां बहुत कसी न बनाएं, वरना बालों के टूटने का खतरा रहेगा। चोटियां चिकने वाले र बड़बैंड से बांधें ताकि बाल उसमें लिपट कर टूटें नहीं।
-अगर आपके बाल सीधे हैं तो बालों के सिरों पर छोटे-छोटे कर्लर लगाएं ताकि वे नीचे से घुंघराले नजर आएं। जब सारे बालों की चोटियां गूंथ जाएं तब एक सिल्क स्कार्फ से बालों को लपेट लें ताकि सोते समय बाल व चोटियां उलझें नहीं। सुबह आहिस्ता से खोलें और उंगलियों से सेट करें।
जूड़े से बनाएं कर्ली
-सुलझे, साफ और नम बालों पर ऐसा करें। एक जूड़ा बनाने के लिए बालों को समेट कर ऊंची पोनीटेल बनाएं फिर उसके चारों तरफ बालों को लपेटकर पारंपरिक जूड़ा बनाएं। इसे मजबूत प्लास्टिक हेयर पिंस से सेट करें।
-घुंघरालें बालों वाली स्टाइल बनाने के लिए आप बालों को कई सेक्शन में बांट कर मल्टिपल जूड़े बनाएं। 6-7 छोटे पारंपरिक जूड़े पूरे सिर पर बनाएं। ध्यान रखें प्रत्येक जूड़ा अच्छी तरह पिनअप हो।
-जूड़ों को सिल्क स्कार्फ से लपेट कर सोएं।
-सुबह धीरे-धीरे जूड़े खोलें और उंगलियों से उन्हें अपने पसंदीदा स्टाइल में सेट करें।
करें बालों को सीधा
रेशमी, चमकदार व सीधे बाल पाने के लिए आपको फ्लैट आयरन की जरूरत नहीं है। रैपिंग हर प्रकार के बालों के लिए काफी लोकप्रिय विधि है।
-रात में सोने से पहले हलके नम बालों को दो सेक्शन में बांटें। लीव-इन-कंडिशनर और सेटिंग लोशन लगाएं।
-अब सारे बालों को एक बड़े रोलर में विपरीत दिशा में लपेटें। फिर खोलें और दो भागों में बांटें।
-अब वाइड-टूथ कोंब से दाहिनी तरफ के बालों को कोंब करते हुए बायीं तरफ लपेटें। अच्छी तरह पिन अप करें।
-जब दाहिने तरफ के बाल सेट हो जाएं तब बायीं तरफ के बालों को दाहिनी ओर ले जाकर सीधा करते हुए लपेटें व पिन अप करें।
-सिल्क स्कार्फ लपेटे। पिन हटाकर अच्छी तरह बारीक ब्रश वाले कोंब से बालों को सीधा करें अपनी पसंदीदा स्टाइल बनाएं।

बढ़ती उम्र में भी बरकरार रहे आकर्षण


बढ़ती उम्र की दहलीज पर कदम रखने के बाद भी जिंदगी का आकर्षण और जोश खत्म नहीं हो जाता। यदि आप अपनी सोच व जीवनशैली में सकारात्मक बदलावों को तरजीह देती हैं तो यह तय मानें कि बढ़ती उम्र में भी आप युवावस्था की तरह स्मार्ट और चुस्त-दुरुस्त बनी रहेंगी। साथ ही जिंदगी की नई पारी में सक्रियता से उपलब्धियों रूपी बेहतर बल्लेबाजी कर सकती हैं।
उम्र बाधक नहीं
उम्र बढ़ने के साथ शारीरिक परिवर्तन होना तय है, इन्हें रोका तो नहीं जा सकता, पर इस परिवर्तन से होने वाले नकारात्मक प्रभावों को काफी हद तक कम जरूर किया जा सकता है। इस संदर्भ में नई दिल्ली की 45 वर्षीया दीपा सेठी अपनी जिंदगी की गतिशीलता को अपनी मां नीलम भाटिया को प्रेरणास्रोत मानती हैं। बकौल दीपा, मेरी मां एक कुशल गृहिणी हैं। गृहस्थी संभालने में उनका कोई सानी नहीं। उन्होंने अपनी चार संतानों की परवरिश पर बेहद गंभीरता से ध्यान दिया है। मैं जब स्कूली शिक्षा पूरी करके कालेज में पढ़ रही थी, तब उन्होंने अपनी प्रौढ़ावस्था में घर-परिवार की जिम्मेदारियां निभाते हुए फूड प्रिजर्वेशन व प्रोसेसिंग पाठ्यक्रम में दाखिला लिया। उन्होंने जैम, जेली, अचार, मुरब्बा आदि के निर्माण और रखरखाव की नवीनतम जानकारी ली। मुझे ताज्जुब होता है कि कम उम्र में शादी होने और उच्च शिक्षा से वंचित होने के बावजूद मां में कुछ नया सीखने की जिज्ञासा और ललक थी। कोर्स पूरा करने के बाद उन्होंने घर पर ही डिब्बाबंद खाद्य पदार्र्थो का निर्माण शुरू किया। कुछ समय बाद उन्होंने डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ बनाने वाली एक बड़ी कंपनी से करार किया और उसके लिए प्रोडक्ट बनवाने लगीं। सच कहूं तो उनके इस कारोबार ने हमारे घर में खुशहाली की बारिश कर दी। कहने का आशय यह है कि बढ़ती उम्र जिंदगी में कुछ कर गुजरने में बाधक नहीं है।
आशावादी सोच रखें
बढ़ती उम्र में अपने स्वास्थ्य को चुस्त-दुरुस्त रखने में जिंदगी के प्रति आशावादी व यथार्थवादी सोच का अपना एक विशिष्ट महत्व है। चाहे कैसी भी परिस्थितियां आएं अपनी सोच को सकारात्मक रखकर आप तनाव और टेंशन से बच सकती हैं। शहरों में रहने वाली एक बड़ी आबादी में तनाव से संबंधित तमाम समस्याएं नकारात्मक सोच के कारण ही उपजी हैं। इसलिए इनसे बचें।
शौक पालना जरूरी है
बढ़ती उम्र में स्वस्थ व सक्रिय रहने के लिए किसी न किसी प्रकार के रचनात्मक शौक में मशगूल होना बेहद आवश्यक है। इससे आप व्यस्त रहने के साथ-साथ कुछ नए अनुभव भी सीखती हैं। अगर आपके पास समय है तो सामाजिक कार्र्यो में भी बढ़-चढ़कर भाग ले सकती हैं। इससे आप अपने समय का बेहतर उपयोग कर सकती हैं। इससे सामाजिक दायरा बढ़ेगा। साथ ही नए-नए लोगों से संपर्क भी। एकरसता या बोरियत दूर करने के लिए आप पर्यटन स्थलों की भी सैर कर सकती हैं। इससे पूरे शरीर को ताजगी मिलती है। इसी प्रकार अपने मन की शांति के लिए कविता लिखना, कहानी लिखना, पेंटिंग करना आदि समय का बेहतर उपयोग है।
जब जागो तब सबेरा


अच्छी शुरुआत के लिए जरूरी नहीं कि कोई समय तय किया जाए। यह किसी भी समय की जा सकती है। सब कुछ आपकी संकल्प शक्ति या इच्छा शक्ति पर निर्भर करता है। आप अपनी जिंदगी की दूसरी पारी के बारे में किस तरह का नजरिया रखती हैं। इसी सवाल के जवाब में आपकी प्रसन्नता का राज छिपा है।

खूबसूरत आंखों के लिए 3 स्टेप्स


आंखों को आकर्षक बनाने के लिए मस्कारा का दो कोट ही काफी है। आंखें चेहरे की जुबां होती हैं, इसलिए इन्हें आकर्षक बनाने के लिए आप मस्कारा का प्रयोग कैसे करें, बता रहे हैं मेकअप आर्टिस्ट भारत एंड डोरिस।
मस्कारा आंखों के मेकअप का अहम हिस्सा है। इसका सही तरीके से प्रयोग किया जाए तो यह सबकी नजर आपकी ओर खींच सकता है। लैशेज को बढ़ाने, उन्हें वॉल्यूम देने और आकर्षक बनाने के लिए आप यहां दी गई बातों पर गौर जरूर फरमाएं।
बढ़ाएं 1,2,3 कदम
ब्लैक लिक्विड आई लाइनर से लैशेज के एकदम पास बारीक रेखा खींचें। ताकि बरौनियों के बालों के बीच का खाली हिस्सा नजर न आए और अगर आप आर्टिफिशियल लैशेज भी लगाएं तो वह अप्राकृतिक न लगे। नीचे वाली बरौनियां बहुत हलकी हों तो काजल जरूर लगाएं।
पहला कदम
सबसे पहले लैशेज को घना और मोटा दिखाने के लिए लैश प्राइमर लगाएं। जब बरौनियों के सिरों पर पहुंचे तो आहिस्ता से हिलाएं ताकि बाल एक-दूसरे से चिपकें नहीं। जब लैशेज (बरौनियां) सूख ंजाएं तब दूसरा कोट लगाएं।
दूसरा कदम
लैशेज को तीन हिस्सों में बांटकर मस्कारा लगाएं। बीच वाले बालों को माथे की तरफ, भीतर वाले बालों को भीतरी भौंहों की तरफऔर आंख के बाहरी कोने वाले बालों को कान के थोड़ा ऊपर वाले हिस्से की तरफ। ऐसा करने से बरौनियों को सही आकार मिलेगा और वह लंबी व घनी भी नजर आएंगी।
तीसरा कदम
अब नीचे की बरौनियों के पतले बालों पर मस्कारा लगाने के लिए मस्कारा ब्रश को वर्टिकल (खड़े/सीधे) अंदाज में पकड़ें और बरौनियों पर सावधानीपूर्वक हलका-हलका छुआएं ताकि आंखों के आसपास न लगने पाए। एक जगह पर रुकें नहीं। हाथों का संतुलन बनाए रखें, वरना कहीं ज्यादा और कहीं कम लगेगा।

रौनक लौटाएं बालों की


पौष्टिक तत्वों की कमी और खानपान की गलत आदतों का प्रभाव आपके बालों पर सीधा पड़ता है। विटमिंस की कमी के कारण बाल कमजोर होकर गिरने लगते हैं। हेयर एक्सपर्ट जावेद हबीब की मानें तो बालों की पचास प्रतिशत समस्याएं गलत आहार के कारण ही हैं। आप अपने बालों को स्वस्थ और मजबूत कैसे बनाएं, जानें।
1. बालों के गिरने का एक अहम कारण डैंड्रफ है। अगर आपको रूसी की समस्या है तो उससे निपटने के लिए एंटी डैंड्रफ शैंपू का इस्तेमाल करें। बालों की सही ढंग से सफाई करें। रूसी धूल, शैंपू केमिकल्स और अतिरिक्त सीबम फॉलिकल ऑयल के कारण पैदा होती है। यह सभी सिर की त्वचा पर एक फिल्म की तरह चढ़ जाते हैं और हेयर फॉलिकल्स को बंद कर देते हैं। इस कारण फॉलिकल्स बालों को विकसित नहीं कर पाते। सिर की त्वचा के छिद्र बंद होने और ऑक्सीजन भीतर न जाने के कारण बाल कमजोर होकर टूटने लगते हैं। इसलिए हर दूसरे दिन शैंपू के बाद अच्छी तरह धुलाई बेहद जरूरी है।
2. धूप, गर्मी और लू के कारण भी बाल कमजोर होते हैं। इसलिए बालों में हेयर सीरम और सनब्लॉक जरूर लगाएं। बाहर जब भी निकलें तो सिर ढक कर निकलें ताकि सूर्य की नुकसानदेह अल्ट्रावायलेट किरणें सीधे बालों पर न पड़ें।
3. हफ्ते में एक बार हॉट ऑयल मसाज करें। फिर कुछ देर गर्म पानी में तौलिये को भिगोकर निचोड़कर सिर पर लपेटें। इसके बाद मेथी दाना पैक लगाएं और आधे घंटे बाद शैंपू कर लें। यह बालों को मजबूती प्रदान करेगा और चमक भी।
4. अपने आहार में हरी सब्जियां, अंडा, दूध और फल शामिल करें। अधिक से अधिक तरल पदार्थ लें। ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।

एक्सरसाइज से रहे ताउम्र जवां


हम चाहते तो है सुंदर और जवां दिखना, लेकिन उसके लिए प्रयास कम करते है। अगर शुरू से ही सौंदर्य की सही देखभाल और एक्सरसाइज की जाए तो लंबे समय तक युवा रहा जा सकता है।
हर कोई लंबे समय तक जवां दिखना और रहना चाहता है। खास तौर पर स्त्रियां अपनी बढ़ती उम्र को जाहिर नहीं होने देना चाहती है। लेकिन त्वचा की कितनी ही अच्छी देखभाल की जाए और सौंदर्य प्रसाधनों पर कितना ही पैसा खर्च करें, जीवन में एक समय ऐसा जरूर आता है, जब त्वचा का कुदरती लचीलापन खत्म होने लगता है। इसके कई कारण हो सकते है-मसलन अचानक वजन घटना, आपकी जीवनशैली, उम्र
का प्रभाव, आहार में पोषक तत्वों की कमी और गर्भावस्था आदि। इन सभी कारणों से यह पता चलता है कि आपकी त्वचा का लचीलापन कैसे कम होता है और कैसे आपकी त्वचा में कसाव आएगा।
त्वचा के कोश उम्र के साथ निस्तेज और निष्क्रिय हो जाते है, लेकिन उचित व्यायाम से ये कोश दोबारा सक्रिय और जीवित हो उठते है। जैसे चेहरे और गले की झुर्रियां सही व्यायाम से दूर हो सकती है। लेकिन उसकी उचित देखभाल के लिए उसे सही पोषण देना जरूरी होता है। एक्सरसाइज से आप त्वचा में कसाव कैसे ला सकती है, बता रही है मुंबई की वेलनेस एक्सपर्ट एंड क्लिनिकल एक्सरसाइज स्पेशलिस्ट नमिता जैन।
यहां दी गई कुछ एक्सरसाइज डबल चिन, गले की ढीली त्वचा और झुर्रियों को दूर करने में मददगार साबित होंगी। इतना ही नहीं यह त्वचा की मांसपेशियों की टोनिंग भी करेगी।
गर्दन के लिए : जमीन या कुर्सी पर सीधी बैठ जाएं। सिर पीछे ले जाकर आसमान की ओर देखें। अपने होंठ बंद रखें और मुंह इस प्रकार चलाएं जैसे च्यूइंगम चबा रही है। आप महसूस करेगी कि आपके गले की और उसके आसपास की मांसपेशियां काम कर रहीं हैं। उनमें खिंचाव महसूस करेगी। इस क्रिया को बीस बार दोहराएं। ऐसा करने से गर्दन की त्वचा में कसाव आएगा।
डबल चिन के लिए : अपने सिर को पीछे की ओर ले जाएं। आसमान की ओर देखें और मुंह खोलें व बंद करे। आपको ठोढ़ी के पास खिंचाव महसूस होगा। ऐसा 11-16 बार करने से चिन अच्छी हो जाती है।
चेहरे पर कसाव लाने के लिए
1. अपने चेहरे पर ध्यान केंद्रित करके उसे कसने की कोशिश करे। फिर आराम की मुद्रा में आएं। ऐसा कम से कम सात बार करे। यह चेहरे की पूरी मांसपेशियों में खिंचाव पैदा करेगी और आपकी त्वचा में कसाव लाएगी।
2. सीधी बैठ जाएं अपना चेहरा सामने रखें। होंठ खोलते हुए दांतों को एक-दूसरे पर सटाकर रखें और जबड़ों को फैलाएं ताकि आपके दांत जबड़ों से अलग होते हुए महसूस हो। एक बार जबड़े को फैलाएं और फिर जबड़ों को सिकोड़ने की कोशिश करे।
जॉ लाइन के लिए : कुर्सी पर सीधी बैठ जाएं। अपना सिर पीछे की ओर ले जाएं और आसमान की ओर देखें। अपने होंठों को बंद रखें और आराम की मुद्रा में रहे। बहुत ज्यादा खिंचाव या कसाव न महसूस करे। अब अपने होंठों को इस तरह सिकोड़े और फिर खींचें जैसे आप आसमान को चूमना चाहती है। अपने होंठों को सिकोड़ कर मन में दस तक गिनें, फिर आराम की मुद्रा में आएं और अपना सिर वापस सीधा करे। ऐसा पांच बार करे।
माथा, ठोढ़ी और गर्दन के लिए :
बेड पर सीधी लेट जाएं। अपना सिर बेड के किनारे पर जमीन की ओर लटकाएं। अब धीरे-धीरे अपना सिर ऊपर उठाएं और दस तक गिनते हुए अपने पंजों को देखने की कोशिश करे। फिर आराम की मुद्रा में आएं और अपना सिर फिर उसी अवस्था में लाएं। इस प्रक्रिया को पांच बार दोहराएं।
आंखों के लिए
आंखों के आसपास की ढीली त्वचा, सूजी आंखों और लटकी हुई पलकों को कुछ व्यायाम की सहायता से ठीक कर सकती है।
1. अपनी आंखों की मांसपेशियों को इस प्रकार टोन करे- अपनी दो अंगुलियों को सिर के इधर-उधर यानी माथे के दोनों किनारों पर रखकर दबाएं और आंखों को तेजी के साथ खोलें-बंद करे। ऐसा कम से कम दस बार करे।
2. जमीन या कुर्सी पर सीधी बैठ जाएं। आंखें बंद करके आराम की मुद्रा में रहे। जब आप अपनी आंखों को बंद करे तो सबसे पहले जितना संभव हो, नीचे देखें और फिर जितना संभव हो ऊपर देखने की कोशिश करे। ऐसा दस बार करे।
3. सीधी बैठें। आंखों को बंद करके आराम की मुद्रा में आएं। अब अपनी भौंहों को जितना संभव हो ऊपर की ओर खींचें और पलकों को नीचे की ओर खींचें। इसी स्थिति में रहकर पांच तक गिनें फिर आराम की अवस्था में आएं। यह प्रक्रिया पांच बार दोहराएं।
4. आराम की मुद्रा में सीधी बैठें और आंखें खुली रखें। अपनी आंखों को आधा बंद करें। निगाहे जमीन की ओर रखें और भौंहों को जितना संभव हो, ऊपर की ओर खींचें। फिर आंखें खोल कर पलकों को इतना फैलाएं कि आंखों का ज्यादा से ज्यादा सफेद भाग नजर आए।
5. आंखें बंद करें। फिर अपनी हथेलियों को रगड़कर आंखों पर रखें। ऐसा पांच बार करने से आंखों को आराम मिलता है और उनकी सूजन भी दूर हो जाती है।
भौंहों के लिए
भौंहों के बीच के हिस्से व माथे पर झुर्रियां जल्दी ही नजर आने लगती हैं। इसके लिए करे यह एक्सरसाइज:
1. भौंहों को जितना संभव हो सिकोड़े यानी चढ़ाएं जैसे कि आप गुस्सा जाहिर कर रही है। इतना सिकोड़े कि आपकी भौंहे आपकी आंखों के ऊपर चढ़ी हुई प्रतीत हों। अब जितना संभव हो सके आंखें खोलें और अपनी भौहों को जितना संभव हो सके ऊपर की ओर खींचें या फैलाएं। यह प्रक्रिया पांच बार दोहराएं।
2. बेड पर लेटकर किनारे की ओर अपनी गर्दन को लटकाएं (सिर को जमीन की तऱफ झुकाएं)। फिर भौंहों को आंखों के ऊपर झुकाएं। इस दौरान अपनी नाक को जितना संभव हो सिकोडें़, जबकि नाक के छेद को फैलाएं। इस अवस्था पर दस तक गिनते हुए रुकें। आराम की मुद्रा में आएं और यह प्रक्रिया पांच बार दोहराएं।
हाथों के लिए
हाथों की झुर्रियां दूर करने के लिए हाथों को कसकर एक दूसरे से पकड़े और फिर हलका छोड़ें। ऐसा 7-11 बार करे।
अपने रूप और लावण्य को अधिक समय तक कायम रखने के लिए एक माह के लिए यह एक्सरसाइज नियमित रूप से करने पर बेहतर परिणाम मिलेंगे। साथ ही, चेहरे पर चमक और त्वचा का लचीलापन बरकरार रखने के लिए आप बाद में यह एक्सरसाइज हफ्ते में तीन बार भी कर सकती है। यह व्यायाम सिर्फ प्रौढ़ स्त्री के लिए ही नहीं है, बल्कि इसे युवतियां भी कर सकती है। इससे उनके चेहरे पर उम्र का असर काफी समय बाद होगा।

हरदम रहे नाजुक सी काया


जिस तरह फूल पर मौसम के उतार-चढ़ाव और प्रदूषण का प्रभाव पड़ता है उसी तरह हमारी त्वचा भी प्रदूषण, दौड़भाग और तनाव से कुम्हला जाती है। कोई जरूरी नहीं है कि आप तमाम सौंदर्य प्रसाधन प्रयोग करें और त्वचा को बेहतर बनाने के लिए तरह-तरह के उपाय अपनाएं। आप क्या करे कि आपकी त्वचा सदाबहार रहे, यह जानें।
त्वचा की बेहतर ंदेखभाल के लिए अधिक से अधिक प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल करे, साथ ही यहां दिए जा रहे टिप्स पर भी ध्यान रखें।
साफ रखें त्वचा
आपकी त्वचा साफ रहे इसके लिए आवश्यक है त्वचा को साफ रखना। अत्यधिक रसायनयुक्त क्रीम या प्रसाधनों के इस्तेमाल से बचें। हफ्ते में एक बार गुनगुने पानी से स्नान त्वचा के लिए फायदेमंद होता है।
त्वचा को दें नया निखार
इसके लिए दो चम्मच गेहूं के आटे में एक चम्मच बादाम रोगन, एक चम्मच गुलाबजल मिलाकर पेस्ट बना लें और उसे चेहरे पर दस मिनट तक लगाएं। फिर हलके हाथों से मलकर छुड़ाएं। ऐसा हफ्ते में दो बार करे।
तनाव से रहे दूर
तनाव कई प्रकार के होते है। शारीरिक तनाव तब होता है, जब आप अत्यधिक कार्य करती है और कुछ समय बाद आपका शरीर थक जाता है। इसका सीधा असर आपकी त्वचा पर पड़ता है, क्योंकि इससे आपकी त्वचा के लिए जरूरी नमी खत्म होने लगती है और त्वचा रूखी और बेजान नजर आने लगती है। जो स्त्रियां अधिक तनाव में रहती है, उनकी त्वचा उम्र से पहली झुर्रियोंयुक्त, रूखी, बेजान हो जाती है। जहां तक हो छोटे-छोटे, अनावश्यक तनावों को मन में पाले न रहे। आप अगर खुश रहेगी तो आपका चेहरा भी खिला-खिला नजर आएगा। मानसिक तनाव से बचने के लिए जरूरी है कि आप चीजों को सकारात्मक रूप में लें। ध्यान रखें, ज्यादा तनाव आपके स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है।
मेडिटेशन करे
भावनाओं का सीधा असर आपके चेहरे पर पड़ता है। बहुत अधिक तनावग्रस्त होने पर आपकी त्वचा कई बार फटने लगती है या फिर जो स्त्रियां हमेशा तनाव में रहती है, उनके माथे और आंखों के आसपास लकीरें बन जाती है। इन लकीरों का उम्र से कोई वास्ता नहीं होता है। ऐसे तनाव से बचने के लिए मेडिटेशन या ध्यान एक अच्छा उपाय है। इसे अपनी आदत बनाएं। सिर्फ एक दिन-दो दिन योग या मेडिटेशन करने भर से ही तनाव कम नहीं होता। सुबह उठकर टहलें। हरे-भरे, रंगीन फूलों से लदे पेड़ आपमें जीने की नई ललक और ऊर्जा भर देंगे और आपका मन हलका हो जाए।
खूब पिएं पानी
सौंदर्य विशेषज्ञा मीनाक्षी दत्त का कहना है कि पानी त्वचा के लिए वरदान है। पानी में कुछ मसालों का प्रयोग करके उसे और भी फायदेमंद बनाया जा सकता है। इसका एक आसान तरीका यह है कि पानी उबालें और उसे एक जार में डाल दें। अब उसमें काली मिर्च पाउडर, गुलाब की 5-6 पंखुड़ियां और एक चुटकी इलायची पाउडर डालकर जार ढक दें। फिर इसे थोड़ा-थोड़ा दिन में कई बार पिएं।
मालिश अपनाएं
तेल मालिश से त्वचा स्वस्थ और लंबे समय तक युवा रहती है। बेहतर परिणाम के लिए नहाने से पूर्व रोज हर्बल ऑयल से अपनी त्वचा की मालिश करे। अपने मनपसंद बॉडी ऑयल से नहाने के 45 मिनट पूर्व तेल मालिश करके उसे सूखने दें। फिर नहाने के पानी में रोज एसेंशियल ऑयल डालकर नहाएं। व्यस्त जीवन में अपने लिए समय निकालना भी बेहद जरूरी होता है।
अगर आपके पास कम समय है तो कोई एक गूदेदार मौसमी फल को मैश करके त्वचा पर हलके हाथों से कुछ देर स्क्रब करे। फिर ठंडे पानी धोकर पोंछ लें। इसी प्रकार हाथों और पैरों का सौंदर्य बढ़ाने के लिए हलके गर्म पानी में कुछ बूंदें, ग्लिसरीन और आधा चम्मच पिसी फिटकरी मिलाकर अपने हाथों और पैरों को उसमें डुबोएं। फिर नीबू के छिलके से कोहनियों को अच्छी तरह साफ करे। साफ पानी से धोकर सुखा लें, फिर बॉडी क्रीम लगाएं। ये आसान तरीके अपनाकर आप अपनी त्वचा ही नहीं, बल्कि तन और मन को स्वस्थ रख सकती है।

किचन में छिपा सौंदर्य का खजाना


1. तुलसी की बीस पलियां, नीम और पुदीने की कुछ पलियां और एक टेबल स्पून दही को एकसाथ मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें। इसे मुंहासों के ऊपर लगाएं। दस-पंद्रह मिनट बाद चेहरे को साफ पानी से धो लें।
2. एक टेबल स्पून चंदन पाउडर को एक टेबल स्पून गुलाबजल और कुछ बूंद खीरे के रस के साथ मिलाकर पेस्ट बना लें। इसे चेहरे पर लगाकर छोड़ दें और सूखने पर चेहरा साफ पानी से धो लें।
3. एक टेबल स्पून चंदन पाउडर, एक टेबल स्पून दलिया और आधा टी स्पून ईस्ट को दूध और एक अंडे की सफेदी के साथ मिलाकर पेस्ट बना लें। इसे चेहरे पर लगाकर छोड़ दें। सूखने पर ठंडे पानी से चेहरा साफ कर लें।
4. नीम की बीस पलियों को डेढ़ टी स्पून दही के साथ ब्लेंड करके पेस्ट बना लें। इसे चेहरे पर दस-पंद्रह मिनट तक लगाकर साफ पानी से धो लें।
क्लींजर
1. आधा कप गुलाब की पंखुड़ियों को एक कप पानी में दो मिनट तक उबाल लें। फिर पूरी रात पंखुड़ियों को पानी में भीगी रहने दें। सुबह छानकर किसी शीशी में भरकर फ्रिज में रख दें। नियमित दिन में तीन बार इस क्लींजर से चेहरा साफ करने से चेहरा कांतिमय हो जाता है।
2. नीम की पलियों को उबाल कर फ्रिज में रख दें। यह तैलीय त्वचा के लिए बेहतरीन क्लींजर है। इससे तीन-चार बार चेहरा साफ करने से मुंहासे और ब्लैक हेडं्स ठीक हो जाते है।
3. नीम की तीस पलियां, तुलसी की दस पलियां और पुदीने के कुछ पत्तें को एकसाथ एक पानी में उबाल लें। इसे छानकर फ्रिज में रख दें। यह क्लींजर त्वचा के ब्लैक हेडं्स और मुंहासों के लिए फायदेमंद है।
4. चार टेबल स्पून स्किम्ड मिल्क और एक टेबल स्पून खीरे का रस मिलाकर फ्रिज में रख लें। चेहरे पर लगाकर छोड़ दें। सूखने पर साफ पानी से चेहरा धो लें।
ब्लैकहेडं्स के लिए
1. एक टेबल स्पून चोकर, आधा टी स्पून यीस्ट, एक टेबल स्पून दूध या गुलाबजल मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें। इसे चेहरे पर लगाकर छोड़ दें। सूखने पर हलके हाथों से रगड़कर छुड़ाएं और साफ पानी से धो लें।
2. टी स्पून बेसन और सोयाबीन के कुछ दाने मिलाकर पाउडर बना लें। फिर इसमें दूध और नीबू का रस मिलाकर पेस्ट बना लें। इसे चेहरे पर लगाकर दस मिनट के लिए छोड़ दें। फिर साफ पानी से धो लें।
खुले छिद्रों के लिए
1. एक टी स्पून चोकर में एक टी स्पून आमंड पाउडर, एक टी स्पून चंदन पाउडर, एक अंडे की आधी सफेदी और अदरक के रस की कुछ बूंद मिलाकर पेस्ट बना लें। इसे चेहरे पर हलके हाथों से मलकर लगाएं और सूखने के बाद पानी से धो लें।
एक्ने के धब्बों के लिए


एक टी स्पून आमंड पाउडर, एक टी स्पून आलू का रस, एक टी स्पून खीरे का रस, एक टी स्पून नीबू का रस, एक टी स्पून चंदन पाउडर, एक टी स्पून दही और एक स्पून चावल का आटा मिलाकर पेस्ट बना लें। इसे प्रभावित स्थान पर लगाएं और पंद्रह मिनट बाद चेहरा पानी से धो कर साफ कर लें।